University Final Year Exams 2020 : क्या रद्द हो सकती है परीक्षाएं, 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट कर सकता है फैसला

देशभर के विश्‍वविद्यालयों में फाइनल ईयर परीक्षा (University Final Year Exams) करवाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) को जवाब देने के लिए कहा है। शुक्रवार, 31 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई होगी। याचिकाओं में छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य के मद्देनजर परीक्षा आयोजित न करने की दरख्‍वास्‍त की गई है।

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इन याचिकाओं में देश में फैली कोरोना (Corona) की बीमारी का हवाला दिया गया है। मांग की गई है कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई के मामले में अब तक आयोजित हो चुकी परीक्षा और आंतरिक मूल्‍यांकन के औसत के आधार पर रिजल्‍ट घोषित करने का आदेश दिया था, वैसा ही इस मामले में भी किया जाए। यह मामला सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण, सुभाष रेडडी और एम आर शाह की बेंच के सामने लगा। यूजीसी की तरफ से कोर्ट में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि देश के 818 विश्‍वविद्यालयों में से 209 अंतिम वर्ष की परीक्षा का आयोजन कर चुके हैं। 394 परीक्षा का आयोजन करने जा रहे हैं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा का दिया जा सकता है विकल्प

छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा का विकल्‍प दिया जा सकता है। इससे उनके स्‍वास्‍थ्‍य को खतरा नहीं होगा। छात्रों की तरफ से पेश वकील अलख आलोक श्रीवास्‍तव, कानून के छात्र यश दुबे के लिए पेश वरिष्‍ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और युवा सेना की पैरवी कर रहे वरिष्‍ठ वकील श्‍याम दीवान ने इस सुझाव से अस‍हमति जताई। उनका कहना था कि जिस तरह से देश में लगातार कोरोना के मामले बढ रहे हैं, उसके मद्देनजर इस समय परीक्षा का आयोजन छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य को गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। जजों ने इन वकीलों को आश्‍वस्‍त करते हुए कहा कि मामले में जल्‍द से जल्‍द सुनवाई करके फैसला ले लिया जाएगा। कोर्ट ने यूजीसी से बुधवार तक लिखित जवाब दाखिल करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अगर चाहें तो गुरूवार शाम तक यूजीसी के हलफनामे पर अपनी तरफ से जवाब दे सकते हैं। शुक्रवार को मामले की सुनवाई होगी।

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