Railway : 2.5 करोड़ युवा डेढ़ साल से कर रहे लिपिक व ग्रुप-डी भर्ती के लिए मंजूरी का इंतजार

2.5 Crore Youths Waiting for RRB Clerk Railway Group C & D Bharti 2019-20 .

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Railway Group D Recruitment – रेलवे में लिपिक वर्ग सहित ग्रुप-डी (Group D) में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) को सरकार की गाइड लाइन का इंतजार है। दरअसल कोरोना संक्रमण की वजह से रेलवे को ऐनवक्त पर प्रारंभिक लिखित परीक्षा (Written Exam)की तैयारी रोकनी पड़ी थी। ग्रुप-डी में एक लाख और लिपिक वर्ग के लगभग 35 हजार पदों के लिए डेढ़ वर्ष पूर्व प्रारंभ की गई भर्ती में देशभर से लगभग ढाई करोड़ अभ्यर्थियों ने आवेदन कर रखा है।

फरवरी-मार्च 2019 में रेलवे में क्लर्क (Clerk) और ग्रुप-डी वर्ग भर्ती की अधिसूचना के बाद सितंबर 2019 तक प्रारंभिक लिखित परीक्षा ली जानी थी। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद रेलवे ने इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया की कार्यवाही में चुप्पी साध ली।

दरअसल रेलवे ने पिछले साल बम्पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत ग्रुप-डी और लिपिक वर्ग के अलावा सहायक लोको पायलट (Assistant Loco Pilot), तकनीशियन (Technician), जूनियर इंजीनियर(Junior Engineer), पैरा मेडिकल स्टाफ (Paramedical Staff) के पदों की भी अधिसूचनाएं जारी की गई थी। रेलवे ने जरूरत के मुताबिक अन्य संवर्गा में भर्ती को प्राथमिकता दी जिससे लिपिक व ग्रुप-डी भर्ती प्रक्रिया पिछड़ गई।

लगभग 2.5 करोड़ युवा कर रहे Railway Group D Bharti 2020 का इंतज़ार

रेलवे में ग्रुप-डी व ग्रुप-सी लिपिक वर्ग के लिए तकरीबन सवा-सवा करोड़ से अधिक आवेदन आए। आवेदन-पत्रों की जांच देशभर में एक साथ आनलाइन परीक्षा (Online Exam) की कवायद और परीक्षा एजेंसी के निर्धारण की प्रक्रिया में ही एक वर्ष बीत गया। इसके बाद कोरोना वायरस (corona Virus) ने रेलवे की भर्ती प्रक्रिया को ठप कर दिया। वही वर्तमान में कोरोना की वजह से ढाई करोड़ अभ्यर्थियों की एक साथ लिखित परीक्षा कराना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में रेलवे भर्ती बोर्ड भी कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसके लिए बोर्ड को भी केन्द्र सरकार और रेलवे बोर्ड की गाइड लाइन का इंतजार है।

उधर रेलवे भर्ती बोर्ड अधिकारियों का कहना है ग्रुप-डी और लिपिक वर्ग की भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे बोर्ड से निर्देश नहीं मिले है। कोरोना की वजह से लगभग ढाई करोड़ अभ्यर्थियों की परीक्षा कराना चुनौतीपूर्ण है। नई गाइड लाइन आने तक कुछ नहीं कहा जा सकता है।

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